लिवर रिपोर्ट यानी LFT (लिवर फंक्शन टेस्ट) हाथ में आते ही सबसे पहले नज़र बढ़े हुए नंबरों पर जाती है — बिलिरुबिन, SGOT, SGPT। घबराने की ज़रूरत नहीं। इस लेख में हम समझेंगे कि लिवर शरीर में क्या काम करता है, हर नंबर क्या बताता है और उसका सामान्य मान कितना होता है।
लिवर शरीर में क्या काम करता है?
लिवर शरीर का सबसे बड़ा भीतरी अंग है और दिन-रात कई ज़रूरी काम करता है। यह खाने को पचाने में मदद करने वाला पित्त (बाइल) बनाता है, खून में घुले हानिकारक पदार्थों को साफ़ करता है, शरीर के लिए ज़रूरी प्रोटीन बनाता है और ऊर्जा को जमा करके रखता है। जब लिवर पर किसी वजह से दबाव पड़ता है या उसमें सूजन आती है, तो खून की जाँच में इसके संकेत दिखने लगते हैं। यही जाँच LFT कहलाती है।
डॉक्टर यह जाँच कई स्थितियों में करवाते हैं — जैसे पीलिया का संदेह, लगातार थकान, पेट के दाहिने हिस्से में दर्द या भारीपन, भूख कम लगना, लंबे समय से चल रही दवाओं का असर देखना, या नियमित स्वास्थ्य जाँच का हिस्सा होना। लिवर टेस्ट के बारे में और विस्तार से जानने के लिए हमारा लिवर (LFT) टेस्ट पेज भी देखें।
LFT के हर टेस्ट का मतलब और सामान्य मान
नीचे की तालिका में LFT के मुख्य नंबर, उनका अर्थ और सामान्य मान दिए गए हैं। ध्यान रखें कि सामान्य मान हर प्रयोगशाला की रिपोर्ट में थोड़े अलग हो सकते हैं, इसलिए तुलना हमेशा अपनी रिपोर्ट पर छपी सीमा से ही करें।
| टेस्ट | यह क्या बताता है | सामान्य मान |
|---|---|---|
| बिलिरुबिन टोटल | पुरानी लाल रक्त कोशिकाएँ टूटने से बनने वाला पीला पदार्थ। लिवर इसे खून से साफ़ करता है। | 0.30–1.20 mg/dL |
| AST (SGOT) | लिवर और मांसपेशियों की कोशिकाओं में पाया जाने वाला एंज़ाइम। कोशिकाओं को नुकसान पहुँचने पर यह खून में बढ़ता है। | 13–35 U/L |
| ALT (SGPT) | मुख्य रूप से लिवर की कोशिकाओं में पाया जाने वाला एंज़ाइम। यह लिवर की सेहत का सबसे संवेदनशील संकेतक माना जाता है। | 10–49 U/L |
| ALP (एल्कलाइन फॉस्फेटेज़) | पित्त की नलियों और हड्डियों से जुड़ा एंज़ाइम। | 30–120 U/L |
| GGTP (GGT) | पित्त नली से जुड़ा एंज़ाइम, जो पित्त के बहाव में रुकावट पर बढ़ सकता है। | 0–38 U/L |
| टोटल प्रोटीन | खून में मौजूद कुल प्रोटीन की मात्रा, जो पोषण और लिवर की कार्यक्षमता को दर्शाती है। | 5.7–8.2 g/dL |
| एल्बुमिन | लिवर द्वारा बनाया जाने वाला सबसे मुख्य प्रोटीन। यह खून में तरल का संतुलन बनाए रखता है। | 3.2–4.8 g/dL |
कौन-सा मान बढ़े तो क्या संकेत हो सकता है?
नीचे दी गई जानकारी सामान्य समझ के लिए है। कोई भी एक नंबर बढ़ जाने से किसी बीमारी का निश्चित निदान नहीं होता — डॉक्टर आपकी स्थिति, लक्षणों और अन्य जाँचों को मिलाकर ही निष्कर्ष निकालते हैं।
बिलिरुबिन बढ़ा हो तो
बिलिरुबिन बढ़ने से आँखों और त्वचा का रंग पीला दिखने लगता है, जिसे पीलिया कहते हैं। सामान्यतः यह हेपेटाइटिस, पित्त की नली में रुकावट, या लाल रक्त कोशिकाओं के अधिक टूटने का संकेत हो सकता है।
SGOT और SGPT बढ़े हों तो
इन एंज़ाइमों का बढ़ना लिवर की कोशिकाओं में सूजन या चोट की ओर संकेत कर सकता है। वायरल हेपेटाइटिस, लिवर में चर्बी जमा होना (फैटी लिवर), शराब का सेवन और कुछ दवाओं का असर इसके सामान्य कारणों में आते हैं।
ALP और GGTP बढ़े हों तो
दोनों का साथ-साथ बढ़ना पित्त के बहाव में रुकावट का संकेत हो सकता है, जैसे पित्त की नली में पथरी। अकेला ALP बढ़ा हो तो कारण हड्डियों से जुड़ा भी हो सकता है।
एल्बुमिन या टोटल प्रोटीन कम हो तो
एल्बुमिन का कम होना लंबे समय से चल रही लिवर की समस्या, शरीर में प्रोटीन की कमी (कुपोषण) या गुर्दों से प्रोटीन निकलने का संकेत हो सकता है। ऐसा होने पर डॉक्टर से अवश्य चर्चा करें।
रिपोर्ट पढ़ते समय ध्यान देने वाली बातें
- हर नंबर की तुलना अपनी रिपोर्ट पर छपी सामान्य सीमा से करें। सीमा हर प्रयोगशाला में थोड़ी अलग हो सकती है।
- एक नंबर का हल्का-सा बढ़ना हमेशा गंभीर बीमारी का अर्थ नहीं होता। भारी व्यायाम, हाल की बीमारी और चल रही दवाएँ भी नंबरों पर असर डालती हैं।
- जाँच खाली पेट करवाई थी या नहीं, और कौन-सी दवाएँ चल रही हैं — यह जानकारी रिपोर्ट के साथ नोट रखें, डॉक्टर के लिए यह उपयोगी होती है।
- पुरानी रिपोर्ट से तुलना करें। एक बार के नंबर से ज़्यादा यह मायने रखता है कि नंबर समय के साथ बढ़ रहा है या घट रहा है।
- कोई नंबर सीमा से बहुत अधिक बाहर हो, या पीलिया, तेज़ पेट दर्द, उल्टी जैसे लक्षण हों, तो रिपोर्ट लेकर शीघ्र डॉक्टर से मिलें।
अपनी रिपोर्ट की हिंदी व्याख्या पाएँ
अपनी लिवर रिपोर्ट की फ़ोटो या PDF अपलोड करें — हर नंबर का मतलब आसान हिंदी में पाएँ।
रिपोर्ट अपलोड करें